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Sunday, December 21, 2008

ख़याल

"वो एक खूबसूरत सा चेहरा
आज भी याद आता है
जिसकी मुस्कुराहट को याद कर
दिल मेरा तार तार हो जाता है"

"वो प्यारा मासूम सा चेहरा
जैसे हो अधखिली कली गुलाब की
या हो पूनम रात का चाँद
पर आज शायद अस्त हो गया है"

"उसे याद कर आँखें भीग जाती हैं
दिल से याद फिर भी ना जाती है
कभी कभी लगता है मुझको साहिल
मेरे दिल में धड़कन उसी चेहरे से आती है"

"पर जल्द ही ये भ्रम टूट जाता है
ओर वो खूबसूरत चेहरा फिर याद आता है"

"अक्स"