Sunday, April 25, 2010

तलाश

"इतने दोस्तो में भी एक दोस्त की तलाश है,
समझ सके जो मुझे उस शख्स की तलाश है,
यूँ तो बहुत मिले मुझे गाहे बेगाहे मगर,
जो साथ दे हमेशा, उस हमसफ़र की तलाश है"

"राहे ज़िंदगी में मुश्किलें बहुत हैं,
पर मुझे तो अपनी मंज़िलों की तलाश है,
जूझता हूँ यूँ तो मैं मुश्किलों से हर रोज़,
फिर भी मुझे ना जाने क्यूँ उन मुश्किलों की तलाश है"

"खुशियों से मेरा जीवन आबाद था कभी,
खो गयीं कहीं जो, उन खुशियों की तलाश है,
किस किस की करूँ अब तलाश मैं ए अक्स,
मुझे तो इस जहाँ में हर किसी की तलाश है"

"अक्स"

1 comment:

संजय भास्कर said...

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

संजय कुमार
हरियाणा
http://sanjaybhaskar.blogspot.com