हिंद की ये जान है, हिंद की ये शान है,
सूचना के क्षेत्र में ये हिंद का अभिमान है,
काम कर बड़े बड़े, सर हिंद का उठा रहा,
बसती हिंद के हर दिल में इसकी ही एक जान है,
हिंद की ये जान है, हिंद की ये शान है,
सूचना के क्षेत्र में ये हिंद का अभिमान है,
शाम ए गुलिस्ताँ को हिंद की, सूरज नया दिखला दिया,
सूचना का प्रसार कर, घर घर में ही पहुंचा दिया,
हटा के कागजो का ढेर कंप्यूटर वहां लगा दिया,
आई टी के क्षेत्र में बना ये एक वरदान है,
हिंद की ये जान है, हिंद की ये शान है,
सूचना के क्षेत्र में ये हिंद का अभिमान है,
तोड़कर सीमाएं सारी सूत्र एक बना दिया,
नेटवर्क का जाल सारे हिंद में फैला दिया,
कश्मीर से कन्याकुमारी तक बनाया बाँध एक,
भाषा और क्षेत्र का भी भेद तक मिटा दिया,
सारे हिंद में हो रहा बस इसका ही गुणगान है,
हिंद की ये जान है, हिंद की ये शान है,
सूचना के क्षेत्र में ये हिंद का अभिमान है,
"अक्स"
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Thursday, February 17, 2011
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