"किसी ने मुझसे पूछा राजनीति क्या है,
मैने कहा बंधुवर, राजनीति एक अजब बुखार है,
जिसको चढ़ जाए उसका तो समझो बेड़ा पार है,
हो जाए मगर जो ओवर डोज तो फिर बँटा धार है"
"राजनीति वो मैली सी बहती हुई गंगा है,
जिसमे हर एक कभी ना कभी हुआ नंगा है,
अपने नंगे पन को छिपाने की नाकाम कोशिश में,
दूसरे की अधखुली धोती को फाड़ने का पलटवार है'
"राजनीति एक डुगडुगी वाला खिलौना है,
चाहे किसी के हाथ हो, आम जनता को बस रोना है,
आटा,दाळ,चीनी सब चढ़ते जा रहे इसकी भेंट,
लगता है ये सुरसा का एक कलयुगी अवतार है"
"राजनीति चोरों और नेताओं के लिए संजीवनी है,
इसके सहारे इनको बस अपनी जमात ही जीमनी है,
जिसके बल पर हर एक की जेब हो रही भारी,
राजनीति इनका वो ही अचूक हथियार है"
"मगर मेरे दोस्त मुझे बस इस बात का दुख है,
क्यूँ मेरा देश इस रोग का शिकार है,
क्यूँ मेरा देश इस रोग का एक शिकार है"
"अक्स"
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Monday, October 17, 2011
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